फिर बे पटरी हुई पांच नंबर प्लेटफार्म पर मालगाड़ी

Belal Jani
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इस घटना से पहले भी महाकुंभ मेला स्पेशल एजे पैसेंजर ट्रेन और ताप्ती गंगा एक्सप्रेस भी बे पटरी
हो चुकी है

जौनपुर।जौनपुर जंक्शन पर अचानक हुई बे पटरी मालगाड़ी की जांच पड़ताल के लिए मंडल रेल प्रबंधक एसके वर्मा टीम के साथ शनिवार सुबह 7:30 बजे पहुंचकर बारीकी से मामले को देखने में लगे रहे। मालगाड़ी के चालक और गार्ड से पूछताछ करने के साथ ही संबंधित कर्मचारियों से भी रेक के बे पटरी होने की जानकारी लेने के साथ गठित जांच टीम से रिपोर्ट देने के बारे में कहा है।
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे समय के मुताबिक शनिवार रात्रि लगभग 2:00 बजे पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशन यानी औड़िहार रेलवे स्टेशन के रास्ते चलकर जौनपुर जंक्शन होते हुए प्रयागराज जा रही मालगाड़ी का डीसीएन एचएल इंजन से तीसरा रेक अचानक बे पटरी हो गया। जिसके चलते रेल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
तुरंत मालगाड़ी के बे पटरी होने की सूचना कंट्रोलर को दी गई, कंट्रोलर के आदेश पर रात में ही, संबंधितधिकारियो के कर्मचारियों के जौनपुर जंक्शन पर पहुंचने का सिलसिला जारी हो गया। और शनिवार सुबह अयोध्या कैंट से दुर्घटना राहत ट्रेन एआरटी सुबह लगभग 4:40 बजे जौनपुर जंक्शन पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू करने के साथ ही बेपटरी हुए डीसीएन एचएल  रैक को पुनः पटरी पर चढ़ाने का कार्य शुरू किया गया और कुछ घंटे में रैक को केरान  की मदद से पटरी पर चढ़ा दिया गया।मंडल रेल प्रबंधक एसके वर्मा के द्वारा रैक को पॉइंट पटरी पर चलाकर देखा गया। जब सामान रूप से रैक पॉइंट पटरी से गुजर गया तब जाकर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राहत की सांस लिया। तत्पश्चात मंडल रेल प्रबंधक ने जांच टीम गठित कर संबंधित अधिकारी को रैक किन कारणो से बे पटरी हुआ है रिपोर्ट तैयार कर अवगत कराने का आदेश भी दिया है। मंडल रेल प्रबंधक एसके वर्मा टीम के साथ टाटा अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18104 से जौनपुर जंक्शन पर लगभग 7:30 बजे 

सुबह पहुंच गए और स्वयं बे पटरी हुए रैक के बारे में जानकारी लेना शुरू कर दिए। क्योंकि कुछ वर्ष पूर्व ताप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेन और महाकुंभ मेला स्पेशल पैसेंजर ट्रेन 10,01 2025 और दूसरी घटना मालगाड़ी के बे पटरी होने की हुई 09, 08,2025 को हुई है।  जब ताप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेन बे पटरी हुई थी। यह गनीमत रहा की वह जौनपुर जंक्शन से चली और कुछ दूर चलने के बाद ही पटरी से उत्तर गई। अगर यही ट्रेन आगे के किसी स्टेशन पर पहुंचने के लिए तेज गति से जा रही होती तो एक बड़ी घटना घट सकती थी।लगातार तीसरी बार ट्रेन पहिया पटरी से उतर जा रहा है। यह एक गंभीर विषय है  संबंधित रेलवे विभाग के इंजीनियरो की नजर में आखिर वह टेक्निकल या तकनीकी कमियां क्यों पकड़ में नहीं आ रही है। जब कि स्थानीय संबंधित रेलवे ट्रैक के ऊपर से सुचारू रूप से ट्रेन चलें। इसीलिए बराबर ट्रैक पर ट्रॉली गाड़ी द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पेट्रोलिंग भी की जाती है। ताकि अगर कहीं भी किसी भी तरह की रेलवे ट्रैक में खामी है तो वह उजागर हो जाए और उसे समय रहते ठीक कर लिया जाए। जिससे बार-बार बे पटरी हो रहे ट्रेन पहिए का बे पटरी होना पूरी तरह समाप्त हो। अब यहां पर यह प्रश्न उठता है कि जब रेलवे विभाग ने अलग-अलग कार्यों के लिए संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों को नियुक्त कर रखा है। तो आखिर किन कारणों से इस तरह की घटनाएं हो रही है। स्थानीय लोगों का यह मानना है कि अगर समय रहते रेलवे विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों ने इस तरह की हो रही घटनाओं के ऊपर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित नहीं किया तो किसी भी समय कोई बड़ी घटना घट सकती है। क्यों कि बार-बार पटरी से पहिए का उतरना कोई शुभ संकेत नहीं है। घटना के चलते अवरुद्ध हुए मार्ग के कारण गाजीपुर से दिल्ली को जाने वाली सुहेलदेव एक्सप्रेस ट्रेन को वाराणसी के रास्ते दिल्ली को भेजा गया, और गाजीपुर औड़िहार के रास्ते जौनपुर जंक्शन के मध्य चलने वाली डेमो पैसेंजर ट्रेन को मुफ्तीगंज से ट्रेन में बैठे यात्रियों को उतारने के बाद वापस गाजीपुर के लिए लौटा दिया गया। जिसके कारण विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का यात्रियों को सामने भी करना पड़ा। मीडिया से बात करते हुए उत्तर रेलवे डीआरएम एसके वर्मा ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा था। बे पटरी हो जा रहे पहियों की टीम पैरामीटर से जांच करने के बाद रिपोर्ट देगी तभी किसी को उसका जिम्मेदार माना जाएगा। प्लेटफार्म पर ट्रेन के आने पर बोगियो के सांकेतिक बोर्ड (इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले) निर्धारित स्थान के सही नहीं बताने पर यात्रियों को हो रही परेशानी के संबंध में और पूछताछ  केंद्र पर बैठे कर्मचारी द्वारा सही से यात्रियों से बात न करने की शिकायत पर नाराजगी जताते हुए पूछताछ केंद्र का निरीक्षण करने के साथ जांच पड़ता किए।तथा रनिंग रूम में जाकर कुछ समय विश्राम करने के पश्चात डीपीसी स्पेशल ट्रेन आने के बाद डीआरएम टीम के साथ लगभग 2:30 बजे रवाना हो गए। हालांकि बार-बार ट्रेन पहिया पॉइंट के पास ही उतरने की घटना को लेकर रेलवे के स्थानीय जानकारों का मानना है कि ट्रेन मेंटेनेंस और पॉइंट कांटा बनाने वाले कर्मचारियों की ही लापरवाही उजागर होना बताता है। खैर यह तो जांच पड़ताल के बाद ही पता चल पाएगा की किसकी गलती से बार-बार पटरी से पहिए उतर जा रहे हैं।इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक टीम के अलावा जौनपुर जंक्शन स्टेशन अधीक्षक राम प्रकाश यादव, यातायात निरीक्षक नवीन कुमार राय, आरपीएफ पोस्ट प्रभारी अजय कुमार, जीआरपी थानाध्यक्ष सुनील कुमार गोड़ साथी जवानों के साथ मौजूद रहे।