जौनपुर। जंघई रेलवे स्टेशन के पूर्वी फाटक पर रोजाना सड़क सुरक्षा नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां न तो हेलमेट का ध्यान है, न वाहन की नंबर प्लेट की अनिवार्यता, और न ही ओवरलोडिंग की रोकथाम का ख्याल।
कई बाइकें तीन-चार सवारियों के साथ नजर आती हैं, तो कहीं बाइक पर कनस्तरों का ढेर बंधा होता है। कोई प्लाई शीट ले जा रहा है तो कोई दुकान के लिए थोक सामान। हैरानी की बात यह है कि लाखों की बाइक खरीदने वाले लोग हजार रुपए का हेलमेट खरीदने से कतराते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लोग सड़कें तो विश्वस्तरीय चाहते हैं, लेकिन खुद की जिम्मेदारी निभाने से बचते हैं। महंगाई के दौर में कुछ लोग कुछ रुपये बचाने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालने से भी गुरेज नहीं करते। यह लापरवाही न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि गंभीर हादसों को भी निमंत्रण देती है।