सीओ बोले, अफ़वाह फ़ैलाने वालों पर दर्ज करेंगे एफआईआर
जौनपुर।खेतासराय आजमगढ़ और जौनपुर के सीमावर्ती इलाकों में तेंदुए का एक बार फ़िर खौंफ देखा गया । कारण बना इंटरनेट मीडिया पर दूसरे जनपद में आया तेंदुए को अरंद बताकर ख़ूब प्रसारित किया गया। जिससे बॉर्डर क्षेत्र में दहशत फैल गई । मंगलवार की देर रात्रि इसकी रिअलिटी जांच पड़ताल की गई तो मामला फर्जी निकला। ग्रामीणों ने लिया राहत की सांस।
बता दें शाहगंज कोतवाली व जौनपुर का अंतिम गांव अरंद और आजमगढ़ अरनौला के आसपास क्षेत्रों में आदमखोर जंगली जानवर के आने की सूचना से लोगों में दहशत व्याप्त हो गई । अरंद में 18 जुलाई को मवेशियों का शिकार फ़िर 25 जुलाई को गामीणो द्वारा रिकार्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर प्रचलित हुआ । हालाकि वनविभाग ने प्रथम दृष्टता खेतो में मिले पदचिन्ह का अंदेशा जताते हुए कॉम्बिंग की लेकिन कुछ पता नही चला ।
आजमगढ़ और जौनपुर के वन विभाग के डीएफओ ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया लेकिन नतीजा सिफर निकला।
डर और भय के बीच मंगलवार की शाम को इंटरनेट यूजरों ने सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थाना क्षेत्र के रामपुर ग्राम पंचायत में 14 जुलाई को तेंदुए घुसने की घटना को यहाँ बताकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया । पड़ताल में यह मामला फ़र्जी निकला।
मामले को लेकर वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि गैर जनपद की पुरानी वीडियो को वायरल कर अरंद में भय का माहौल बनाया गया । अब फ़र्जी अफ़वाह फ़ैलाने वालों पर शिकंजा कसते हुए। कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी ।