शासन के निर्देशों का कतई नहीं हो रहा पालन,सैम्पल के नाम पर सिर्फ वसूली में लगा है फूड विभाग

Belal Jani
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सांकेतिक चित्र 

जौनपुर।रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार में मिठाई के बिना भाई बहन के राखी की डोर अधूरी ही कही जाती है। लेकिन फ़ूड विभाग की वसूली की वजह से स्वीट पाइजन के खाने के लिए शहर के अलावा जनपद की विभिन्न तहसील 
 इलाके में त्योहारी सीजन में मिठाई की डिमांड 80 गुना तक बढ़ जाती है। ऐसे में मुनाफाखोर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। क्षेत्र के सभी बाजारों में मिलावटी मिठाइयों की जमकर बिक्री की जा रही है।
रंग-बिरंगी और सिंथेटिक दूध से बनीं मिठाइयां आम आदमी की सेहत को खराब कर देती हैं। बावजूद इसके ऐसे मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए जिला स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन को कड़े निर्देश दिए थे कि त्योहारी सीजन में मिलावट का धंधा नहीं चलना चाहिए।
बावजूद जिले की विभिन्न  तहसील क्षेत्र,  कस्बा में ठेले और सड़क किनारे खुली नामी गिरामी दुकानों पर धड़ल्ले से मिलावटी मिठाई की बिक्री की जा रही है।
सड़क किनारे लगने वाले  ठेलो पर रंग बिरंगी सिंथेटिक पाउडर से तैयार की गई मिठाई की बिक्री खूब हो रही है।
दरअसल रक्षाबंधन के त्योहार पर अन्य त्योहारों से अधिक मिठाई की डिमांड बढ़ जाती है ।
मिलावटखोर इसका फायदा उठाते हैं। त्योहार पर मिलावट चरम पर होती है। मिठाइयों के लिए दूध, मावा की मांग काफी होती है। ऐसे में सिंथेटिक दूध और मावा खूब तैयार किया जा रहा है।
दूध की कमी और अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में मावा बनाने के लिए दूध की बजाय दूध पाउडर, रसायन, उबले आलू, शकरकंदी, रिफाइंड तेल का प्रयोग किया जाता है। सिंथेटिक दूध बनाने के लिए पानी में डिटर्जेंट पाउडर, चिकनाहट लाने के लिए रिफाइंड और एसेंट पाउडर डालकर दूध बनाया जाता है। हाल में ही जिले में सिंथेटिक दूध बनाने के कई मामले पकड़े भी चुके हैं।
सैंपल के नाम पर होती है वसूली
मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ चलाए गए अभियान के नाम पर जिला अभिहित अधिकारी कार्यालय से कुछ कर्मचारी दुकानों पर आकर महीने में बंधी बधाई रकम वसूल कर चले जाते हैं । और खानापूर्ति के लिए कुछ सामानों का सैंपल भी ले लेते हैं। लेकिन जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कभी सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। इससे खुलेआम मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों का धंधा फल फूल रहा है। और जिम्मेदार लोग अपनी आंखों पर पट्टी बांध कर कुंभकरणी नींद में सोए हुई है।