आस्था लेकर पहुंचे श्रद्धालु, पुलिस ने मजार की ओर बढ़ने से रोका
जौनपुर।खेतासराय गाजी मियां के नाम पर लगने वाला परंपरागत गाज़ी मियां का मेला इस वर्ष भी प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण नहीं लग सका। प्रशासन की सख्ती और पुलिस निगरानी के चलते खेतासराय से गोरारी तक हर वर्ष गुलजार रहने वाला करीब 3 किलोमीटर का इलाका इस बार शांत दिखाई दिया। न दुकानें लगीं, न झूले दिखे और न ही मेले जैसी चहल-पहल नजर आई।
इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई और दिन भर लोग विभिन्न रास्तों से मजार क्षेत्र तक पहुंचने का प्रयास करते रहे।
नगर के उत्तरी छोर स्थित डोभी वार्ड और लहबर क्षेत्र की ओर श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहा। कई लोग मजार पर मत्था टेकने और चढ़ावा चढ़ाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ लोगों को समझाकर बुझाकर वापस भेजा गया जबकि कई श्रद्धालुओं को मौके से हटाया गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरे दिन तैनात रहा। उपनिरीक्षक अनिल पाठक, संजय पांडेय समेत कई पुलिसकर्मी निगरानी में जुटे रहे।
खुटहन से पहुंचीं 62 वर्षीय श्रद्धालु फूलमती ने बताया कि वह किशोरावस्था से हर साल मेले में आती रही हैं। इस बार भी वह मन्नत लेकर पहुंची थीं लेकिन मजार तक नहीं जा सकीं। कई श्रद्धालुओं ने परंपरा निभाते हुए खेतों में मिट्टी के बर्तनों में पकवान बनाकर 'कनूरी' की।