जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित एनएचआई विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और घोटाले की शिकायत पर गुरुवार की सायंकाल डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने एनएचआई प्रभारी मुख्य राजस्व अधिकारी के साथ औचक निरीक्षण किया लगभग तीन घन्टे तक आफिस को अन्दर से लाक कर डीएम द्वारा की गई जांच में यहां पर करोड़ों के घोटाले की संभावना होने की पुष्टी हुई है। हलांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है इसी लिए डीएम श्री मांदड़ ने एनएचआई कार्यालय को सीज कर दिया है। अभी दो से तीन दिन गहन जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि कितने करोड़ का घोटाला किया गया है।
इस संबंध में डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने जांच करने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि जिले में भ्रष्टाचार और घोटले बाजी को रोकने के लिए औचक निरीक्षण का अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। हमे एनएचआई के भ्रष्टाचार और घोटालेबाजी की शिकायत मिली थी उसी के तहत हम एनएचआई प्रभारी सीआरओ के साथ औचक निरीक्षण किया गया। यहां पर लगभग तीन घन्टे तक फाइलो को खंगाला और देखा कुछ संदिग्ध फाइले मिली है जो तहसील में नियमानुसार नहीं आई है।जिसे यहीं पर फर्जी तरीके से बना कर फर्जी पेमेंट करने का प्रयास था। इसकी डिटेल से जांच होगी। डीएम ने साफ तौर पर कहा कि आखिर फर्जी फाइल क्यों बनाई गई यह तो जांच का विषय है। डीएम ने माना कि यहां पर बड़े पैमाने पर घोटला हुआ है और इसमें कानूनगो और उसके तीन चार कर्मचारी शामिल है।
डीएम ने बताया कि यहां के भ्रष्टाचार और घोटालेबाजी के साथ फार्जीवाड़े में एनएचआई में चार कर्मचारीगण शामिल है जिनका नाम सन्तोष तिवारी, हिमान्सू श्रीवास्तव, अनिल क्लर्क, और बीएसए कार्यालय का टीचर राहुल सिंह है। इन सभी की मिली भगत से सभी फर्जीवाड़े हो रहे है। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सीआरओ को निर्देशित किया गया है कि दो अमीन को तत्काल कलेक्ट्रेट में अटैच किया जाये।दो संविदा के कर्मचारीगण की सेवाए समाप्त कर दी गई, बीएसए कार्यालय के कर्मचारी को नोटिस दी जा रही है उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
कम्प्यूटर अपरेटर की शिकायत के सवाल पर डीएम ने बताया कि उसकी भी भूमिका संदिग्ध है वह यहां के भ्रष्टाचार का हिस्सा है आपसी मनमुटाव के कारण पोल खुल गई है।
और भ्रष्टाचार सामने आ गया। सभी एक एकता बना कर घोटाले कर रहे थे। डीएम ने कहा कि इस विभाग के बड़े अधिकारी की भी भूमिका की जांच होगी भ्रष्टाचार में संलिप्तता पाये जाने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यहां पर भ्रष्टाचार नजर आया है। आफिस को सीज करा दिया है और सभी कर्मचारियों को कल यानी 24 अगस्त को भी कार्यालय में हाजिर होने को कहा गया है जांच आगे भी जारी रहेगी। पूरी जांच होने के बाद पता चलेगा कितने का घोटाला हुआ है। डीएम के इस औचक निरीक्षण से एनएचआई विभाग सहित जिले के अन्य विभागो में भी हड़कंप मच गया है।