न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में पांच सभासदों को भेजा सम्मन

Belal Jani
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जौनपुर। शाहगंज के सभासद द्वारा वर्ष 2016 में शाहगंज नगर पालिका परिषद के कोटेदार शिव कुमार प्रथम के खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए एक प्रार्थना पत्र दिया था जिसमें लगभग 30 कार्डधारकों के हस्ताक्षर सम्मिलित थे। तहसील स्थित आपूर्ति कार्यालय में प्रेषित हुआ। शिवकुमार सहित उनके पुत्र प्रशान्त अग्रहरि द्वारा आरटीआई से प्राप्त संबंधित प्रार्थना पत्र पर सहयोगियों के साथ जांच पड़ताल में पूछताछ करने हेतु निकले थे कि तभी सभासदगण अर्पित जायसवाल, श्रेयांश गुप्ता, गणेश चौहान, अखिलेश यादव, राम प्रसाद मोदनवाल व शिशिर गुप्ता पे गाली देते हुये जानमाल की धमकी दिया। आपूर्ति कार्यालय से प्राप्त आवेदन पत्र पर समस्त हस्ताक्षरों व कार्डधारकों की जानकारी की गयी तो पता चला कि अधिकांश हस्ताक्षर फर्जी हैं। इस संबंध में कुछ लोगों ने न्यायालय के समक्ष बयान दिया कि संलग्न प्रार्थना पत्र पर हमारे हस्ताक्षर नहीं हैं। इसे फर्जी तरीके से बनाया गया है। कुछ लोगों ने जानमाल की धमकी का भी बयान न्यायालय के समक्ष दिया। न्यायालय ने साक्ष्य का अवलोकन करते हुये उपरोक्त सभासदों को शिवकुमार प्रथम कोटेदार के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी करने, मारने—पीटने व जानमाल की धमकी के मामले में 420, 465, 504 और 506 की धाराओं में तलब करते हुये सम्मन भेज दिया है।