जौनपुर। अंजुमन फा़रुकिया सब्जी बाज़ार की तरफ से अहमद निसार जौनपुरी का स्वागत एवं सम्मानित करने के लिए आली जनाब मोहम्मद फैसल इमामे खतीब शाही ईदगाह और अकरम जौनपुरी की संयुक्त अध्यक्षता में मदरसा जहुरूल इस्लाम में महफिल सजाकर भव्य स्वागत एवं सम्मानित किया गया।
बताया जाता है कि गति दिनों 07 फरवरी 2026 को अन्जुमन महमूदिया दीवान शाह कबीर अंजुमन के तत्वाधान में आल यू०पी० तरही नज़्म ख्वानी के द्वारा मुकाबले का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में अन्जुमन फारुकीया के प्रथम पुरस्कार हासिल कर कामयाब होने पर। शायर अहमद निसार जौनपुरी (कवि) को सम्मानित और स्वागत में नात व स्वागत नज़्म के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज यासिर हम्सान अंसारी द्वारा किए गए कलामे रब्बानी से हुआ। कार्यक्रम के सिलसिले को बढ़ाते हुए मोहम्मद हनीफ अंसारी ने नाते नबी पढ़कर मौजूद लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया।
अकरम जौनपुरी ने अहमद निसार जौनपुरी की शख्सियत को अपने लिखे गए शेरो के माध्यम से कुछ इस तरह के अंदाज में सुनाया।
जिस्में हैं जल्वे कई जल्वा नुंमा अहमद निसार,आप हैं ऐसा फन का आइना अहमद निसार। रौनके तुम्हें ग़ज़ल पैग़ाम देती है यही-अब न पैदा होगा कोइ दूसरा अहमद निसार।
आरज़ूये अहले दानिश आबरूये जौनपुर, जब हुआ लिखना तो हमने लिख दिया अहमद निसार। वामिको मोहसिन रजा समनानियो कामिल की शान, जब हुई यकजा तो कोइ बन गया अहमद निसार।
प्रोग्राम के आखिर में अहमद निसार जौनपुरी ने अकरम जौनपुरी द्वारा नात नज़्म एवं ग़ज़ल लिखने के अंदाज की सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। तथा अपने तरन्नुमे खास और खूबसूरत आवाज़ लहजे में नातिया कलाम पढ़ा जिसको सुनकर लोग की बगैर वाह वाही किए अपने आप को नहीं रोक पाए।
अंजुमन फारूक के निजामी हनीफ अंसारी ने पढ़ा आलम तजिलयात का मफहूम पा गया, लो जिसका इंतजार था वो नूर आ गया शैदाइयों ने आंखें नहीं दिल बिछा दिये सरकार का मदीने में जब काफिला गया।तुम मतलये अव्वल हो तुम मतलये सानी हो, तुम जान हो नज़्मो की ग़ज़लों की जवानी हो,अंदाजे ग़ज़ल कितना दिलकश है सुहाना है. इक हम ही नहीं तेरे कायल ये जमाना है। पढ़ता हो अदब जिसको तुम ऐसी कहानी हो।
बहुत ही खूबसूरत अंदाज में निजामत के काम को इरशाद खान ने अन्जाम दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में पूर्व सभासद मोहम्मद सरफराज, सभासद शहनवाज, फैसल सभासद,डॉक्टर शारिक नदीम, ताजुद्दीन अंसारी, मोहम्मद जमाल सलमानी, एखलाक अहमद राईनी,अहमद अंसारी चमनी, शहबाज अंसारी, सुहेल अजीज, लियाकत अली अंसारी, हजरत अली अंसारी, मोहम्मद जमशेद अंसारी, जीशान अंसारी, मोहम्मद आसिफ अंसारी, अंजुमन चारयारी के निजामी तबरेज अहमद, पत्रकार बिलाल जानी, तथा अन्जुमन फारुक्रिया के सदर गुलज़ार अहमद अंसारी और सरपरस्त मास्टर मोहम्मद फारुक आदि मौजूद रहे। तत्पश्चात कन्वीनर मोहम्मद हनीफ अंसारी ने कार्यक्रम में आए हुए सभी लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।