जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय के घर में रखे लाखों के जेवरातों पर, चोरों ने नजर धंसा कर किया सफाया

Belal Jani
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पुलिस चौकी प्रभारी और रात्रि में गश्त करने वाले क्षेत्र में आरक्षी जवानों को भनक तक ना लगी?

जौनपुर। वर्तमान समय में चोरों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि डीएम व एसपी कार्यालय के अलावा हल्का क्षेत्र में मुख्य रूप से संदिग्धों पर नजर रखने के लिए सिविल लाइन पुलिस चौकी (मियांपुर) स्थापित है वह भी चंद कदम की दूरी पर इसके बावजूद सरकारी कॉलोनी में जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय के घर से अलमारी के लाकर का लाख तोड़कर लाखों के जेवरात को चोरी कर हौसला बुलंद चोर बहुत ही आसानी से घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। जिसकी भनक तक ना तो पुलिस चौकी प्रभारी को सुनाई दी और नहीं रात्रि में गश्त करने वाले आरक्षी जवानों को हुई यह अपने आप में एक सवालिया निशान है। हालांकि घटना की जानकारी जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय के देने के बाद।
थाना प्रभारी के के चौबे सहयोगी जवानों के साथ पहुंचकर हर पहलू पर जांच पड़ताल में जुट गए हैं। साथ ही फॉरेंसिक टीम भी जांच कर रही है। अब यह देखना है कि जांच में जुटी पुलिस चोरों तक कब पहुंचती है और कब तक जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय के चोरी किए गए जेवरात उन्हें मिल पाते हैं। 

सुत्रो के मुताबिक लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सरकारी कॉलोनी में जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय अपने आवास का ताला बंद कर किसी कार्य वश  वाराणसी गई हुई थी। और घर में किसी के न रहने के चलते चोरों ने सटीक जानकारी करते हुए जिला सूचना अधिकारी के घर को  निशाना बनाते हुए दरवाजे का  ताला तोड़कर घर में घुसे और रखे लाखों के जेवरात को समेटा और बड़ी आसानी से लेकर चंपत हो गए। चोरो ने जिस आवास को निशाना बनाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया है। वह स्थान एसपी व डीएम कार्यालय के अलावा हल्का पुलिस चौकी मात्र चंद कदम की दूरी पर है ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब सरकारी कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों के समान सुरक्षित नहीं है। सोचिए आम जनता के घरों में रखे समानो पर तो चोरों की क्यों कर कृपा नहीं होगी। घटना की जानकारी मिलते ही जिला सूचना अधिकारी ने घर पहुंचते ही तुरंग पुलिस को सूचना दिया पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल कर रही है। अब यह देखना है कि पुलिस तत्पर रहकर सक्रियता का परिचय देते हुए चोरों तक किस तरह पहुंचती है और जिला सूचना अधिकारी के जेवरात उन्हें कब तक मिल पाते हैं। यह तो आने वाला समय ही बताएगा।