सद्दाम हुसैन को सदर बन्ने पर सम्मान समारोह आयोजित कर किया गया स्वागत

Belal Jani
By -

अंजुमन फारूकिया के मेंमबरानो ने फूलों से गुंधे हार को सदर के गले में पहना कर खुशी का इजहार कर, मरकजी सीरत कमेटी के जनरल सेक्रेटरी अकरम मंसूरी, शायर अहमद निसार जौनपुरी,शायर अकरम जौनपुरी, सदर एडवोकेट सद्दाम हुसैन, डॉक्टर आसिफ नदीम को धार्मिक स्मृति चिन्ह (तोगरा) भेंटकर सम्मानित किया


जौनपुर। शहर के ख्वाजगी टोला मोहल्ला स्थित मदरसा ज़हुरूल इस्लाम में अंजुमन फारूकिया के मेंमबरानों द्वारा मरकरी सीरत कमेंटी के सदर सद्दाम हुसैन एडवोकेट को सम्मान समारोह आयोजित कर उनके गले में फूलों से गुंधे हार को पहना कर सभी ने दिल की गहराइयों से ऐसी तरह से स्वागत किया कि मदरसे के हाल में मौजूद सभी लोगों के चेहरो पर एक चमक और लबों पर इस तरह की मुस्कान उभर एवं निखर कर नजर आने लगी जैसे मानो चमन में फूल कलियों के खिलने का मौसम  हो और हर तरफ बहार ही बहार आ गई हो सभी खुशी के नग़मे गूंनगुनाने के साथ एक एक शख्स उन्हें दिल की गहराइयों से मुबारकबाद देने के लिए बेचैन जैसा लग रहा हो।

बता दें इस सम्मान समारोह और स्वागत के कार्यक्रम को निराले और अनोखे तरीके से करने हेतु तथा चार चांद लगाने की गरज से अंजुमन फारुकिया के जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद हनीफ अंसारी ने ऐसी व्यवस्था मेंमबरो के सहयोग से किये की कार्यक्रम में किसी भी तरह की कोई खामी दूर दूर तक नजर न आए और सभी लोग कार्यक्रम की सराहना करने के साथ एक दूसरे से  बस यही चर्चा करते रहे कि कार्यक्रम हो तो ऐसा हो। आयोजित स्वागत सम्मान समारोह में शहर के दो उस्ताद शायरों के सम्मिलित होने और उम्दा अंदाज में शेर पढ़ने से और भी  खुशनुमा माहौल हो गया। नात और नज़्म के शेर को जब अहमद निसार जौनपुरी ने अपने मखसूस अंदाज में पड़ा।कौन ले आएगा इस शाने पैगंबर का जवाब, मरहबा फूल से देते हैं पत्थर का जवाब, अपनी आंखें दरे सरकार पर छोड़ आया हूं, ढूंढ कर लाए कोई मेरे मुकद्दर का जवाब, इस शेर को कुछ इस तरह से पढ़ा गया। और  सुनने वालों ने मंजर को महसूस कर इस तरह से सुना कि  दिल और दिमाग के रास्ते रूह में जा पहुंचा। इसी कड़ी मे जब अकरम जौनपुरी ने अपनी मोहब्बत का इजहार करते हुए शीरीं अंदाज में अहमद निसार जौनपुरी के लिए इस शेर को सुनाया। चेहरये फिकरो फन पर निखार आया है, कौन लेकर अदब की बहार आया है, नाज़ करने लगा शायरी का हुनर, जब कभी जिक्रे अहमद निसार आया है। को सुनकर तालियों की तड़तड़ाहट से पूरा मदरसे का हाल गुंज उठा और हर एक के दहन (मुंह)से वाह वाह निकलने के साथ बे साखता यही आवाज़ सुननें को मिली। अगर हर शायरों के दिलों में एक दूसरे के लिए इसी तरह का खुलूस जज़्बा हो तो दिलों में मुहब्बत के फूल को खिलने से कोई भी रोक नहीं पायेगा। और वह दिन दूर नहीं जब एक दूसरे की मुहब्बत में इससे भी उम्दा शेर लिखा जायेगा और सुना भी जायेगा। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर सद्दाम हुसैन एडवोकेट ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति स्वयं को मरकरी सीरत कमेटी का अध्यक्ष अपने को समझे। और जो जलसा व जलूस 100 वर्षों से होता चला रहा है उसे अकेले करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि शिराजे हिंद जौनपुर की आवाम हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी और ऐतिहासिक इस ईद मिलादुन नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम व मदहे सहाबा के जूलूस को कामयाब बनाने में अपना पूरा सहयोग प्रदान करेंगी।
 कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज यासिर हस्सान के द्वारा की गई तिलावते कलामे पाक से हुई। साथ ही संचालन की भी जिम्मेदारी को हाफिज यासिर हस्सान और अजहर अंसारी ने संयुक्त रूप से बड़ी ही खूबसूरती से अंजाम दिया।

इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित लोगों में अंजुमन फारूकिया के सदर गुलज़ार अहमद, सुहेल अजीज, सरफराज अहमद पूर्व सभासद, इरशाद मंसूरी सभासद, पूर्व सभासद शबीब हैदर सदफ, पत्रकार मुहम्मद बेलाल जानी, नाजुददीन, जमशेद, जमाल, अह‌मद, सेराज दारोगा, लियाकत अली,अहमद चमनी, अरशद कुरैशी, अनवर उल हक गुड्डू, शोएब अहमद, डॉक्टर अर्शी खान, ताजुद्दीन अंसारी, शाहबाज सोहेल अंसारी, जमाल सलमानी, शानू, पत्रकार रियाजुल हक़, आफताब आलम बाबू खां, मोहम्मद सरवर आदि रहे। कार्यक्रम अहमद निसार जौनपुरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मान समारोह की समाप्ति पर अंजुमन फारूकिया के जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद हनीफ अंसारी ने आए हुए सभी लोगों को धन्यवाद व्यापित किया।