लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। शासन के 19 जून को जारी आदेश के अनुसार अब प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा।
नई व्यवस्था के तहत पहले जहां जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 20 रुपये शुल्क लिया जाता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। हालांकि, जन्म या मृत्यु के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इसके अलावा, यदि जन्म या मृत्यु के एक वर्ष बाद प्रमाणपत्र बनवाया जाता है तो 100 रुपये शुल्क देना होगा।
जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र के पंजीयक मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) होते हैं। शासन ने इस संबंध में आदेश सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को भेज दिया है, जिसके बाद संबंधित आदेश नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों को भी लागू करने के लिए प्रेषित कर दिए गए हैं।
नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद अब प्रदेश के नागरिकों को निर्धारित समयसीमा के बाद प्रमाणपत्र बनवाने पर पहले की अपेक्षा अधिक शुल्क देना होगा।