पुलिस की निष्क्रियता से लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन पर चोर उच्चकों की कट रही चांदी

Belal Jani
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जौनपुर। लखनऊ से चलकर सुल्तानपुर के रास्ते वाराणसी जाने वाली गाड़ी संख्या 20402 शटल सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में पॉकेटमारों और उच्चकों का बोलबाला है। आयदिन इस ट्रेन में अधिक भीड़ होने के कारण लखनऊ चारबाग प्लेटफॉर्म नंबर तीन से चलने वाली इस गाड़ी की स्थ्तिी यह है कि जैसे ही य​ह प्लेटफॉर्म पर लगती है तो सीट के लिए भीड़ का एक झुंड उसमें प्रवेश करता है। इसी भीड़ के झुंड में चोर उच्चके कभी महिलाओं की चैन तो कभी किसी के पॉकेट पर हाथ साफ कर देते है। मजे की बात तो यह है कि सुरक्षा व्यवस्था की ठेकेदार राजकिय रेलवे पुलिस यह सब होते उसके कान पर जूं तक नहीं रेंगती। लखनऊ चारबाग राजकिय रेलवे पुलिस का हाल यह है कि कोई अपनी घटना घटित होने के बाद प्रभारी जीआरपी के सीयूजी नंबर पर यदि फोन किया जाता है तो उनका फोन नहीं उठता है। यदि राजकिय रेलवे पुलिस यात्रियों के क्रम से ट्रेन में सवार करवा दें और सक्रियता बरते तो भीड़ और धक्का मुक्की करके ट्रेन में चढने वाले यात्री सुरक्षित ट्रेन में बैठ जाएं। चूंकि चोर उच्चकों का गिरोह इसी भीड़ भाड़ का लाभ उठाकर कभी किसी महिला की चैन काट लेते हैं तो कभी किसी की पॉकेट मार लेेते हैं। अक्सर देखा गया है कि वाराणसी से चलकर लखनऊ को जाने वाली और लखनऊ की तरफ से वाराणसी जाने वाली ट्रेनों में न तो यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवान को ट्रेन में न गस्त करते हुए देखा जाता है और न इनका कोई पता होता है। पूरी ट्रेन और यात्री भगवान के भरोसे ही चलती है जिसके कारण आय दिन यात्री किसी न किसी अप्रीय घटना का शिकार हो जाते हैं। एक बात अलग है कि जिस स्टेशन पर ट्रेने रूकती है। उसके बाहर जीआरपी और आरपीएफ के जवान ट्रेन के डिब्बों की गिनती करते जरूर देखें जाते हैं। आरपीएफ और राजकिय रेलवे पुलिस के इस रवैये के कारण यात्री आयदिन किसी न किसी अप्रीय घटना का शिकार होते रहेंगे।